रायपुर/जगदलपुर/दंतेवाड़ा। भारतीय जनता पार्टी के बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मची नई रार पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस विचारों, मुद्दों और नेतृत्व के धरातल पर इस कदर खोखली हो चली है कि अब वह अंतर्कलह के नित नए अध्याय रच रही है। पूर्व मंत्री रवीन्द्र चौबे के बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की तल्खी जिस तरह सामने आई है, उससे यह साफ हो रहा है कि प्रदेश कांग्रेस में अब ‘पीसीसी’ (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) बनाम ‘बीसीसी’ (भूपेश कांग्रेस कमेटी) के बीच सत्ता-संघर्ष का नया दौर छिड़ गया है।
भाजपा सांसद श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पर कांग्रेस की पोलिटिकल अफेयर कमेटी की उस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कमजेर नेतृत्व की तोहमत लगाई थी, जिसमें प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी मौजूद थे। कभी मोहन मरकाम को प्रदेश अध्यक्ष पद से बेदखल करने के लिए बघेल ने जिन बैज को सामने लाया था, आज उन्हीं पर निशाना साधा जा रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह अभियान अपनी राजनीतिक उपेक्षा से उपजे ‘एकाकी लोकतंत्र’ के चलते पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के इशारे पर चल रहा है। पूर्व मंत्री चौबे ने यह बयान बहुत सोच-समझकर दिया होगा, या उनसे दिलवाया गया होगा। श्री कश्यप ने सवाल किया कि क्या वर्तमान प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत पद के काबिल नहीं हैं? फिलहाल चौबे के बयान को लेकर पार्टी के अन्दर जो तल्ख तकरार चल रही है, वह कांग्रेस में सत्ता-विछोह से उपजी कुलबुलाहट को समय-समय पर इस तरह के शिगूफों के जरिए सामने ला रही है।