Tuesday, January 27, 2026
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, शिक्षा, आईटी, आबकारी और स्वास्थ्य पर अहम निर्णय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, आईटी सेक्टर और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा।

आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। नीति के क्रियान्वयन से जुड़े सभी कार्यों के लिए आबकारी विभाग को अधिकृत किया गया है। नई नीति से राजस्व संग्रह में वृद्धि और शराब बिक्री तथा नियंत्रण में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

नवा रायपुर में NMIMS की स्थापना
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) की स्थापना को मंजूरी दी। इसके लिए विले पारले के कलावनी मंडल (SVKM) को सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर आवंटित की जाएगी। SVKM देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है और 30 से अधिक संस्थानों में एक लाख से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। NIRF 2025 रैंकिंग में NMIMS को 52वां स्थान प्राप्त है। नवा रायपुर में इस संस्थान की स्थापना से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रबंधन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

चार नए उद्यमिता केंद्र और आईटी बूस्ट
बैठक में नवा रायपुर में चार उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू को मंजूरी दी गई। इस पहल से राज्य में आईटी, आईटीईएस और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा। अगले 3–5 वर्षों में AI, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में 133 डोमेन-स्पेसिफिक स्टार्ट-अप्स को समर्थन मिलेगा। साथ ही ESDD केंद्र की स्थापना से हर वर्ष 30–40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को तकनीकी सहायता दी जाएगी।

स्वास्थ्य जांच सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने का निर्णय
कैबिनेट ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में लैब और जांच सुविधाओं को मजबूत करने पर भी सहमति जताई। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब संचालन, संसाधनों की उपलब्धता और निर्धारित मानकों के अनुसार जांच संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसका लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की सुनिश्चितता है।

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