Wednesday, February 18, 2026
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मुख्यमंत्री ने “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का किया शुभारंभ

गुरु घासीदास के अनुयायियों का दल पावन गिरौदपुरी धाम के लिए हुआ रवाना पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना और गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया। उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी। श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी।

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी।
कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए

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