रायपुर। राजधानी रायपुर में गौ सेवकों ने पुरानी बस्ती स्थित महामाया मंदिर से मुख्यमंत्री निवास तक रैली निकालकर गौ माता को राज्य की “राज्यमाता” घोषित करने की मांग की। उनका कहना है कि 1 सितंबर से पहले यह निर्णय नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
गौ सेवकों का कहना है कि भारत की 80 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ की 90 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या सनातनी हिंदू धर्म को मानती है और गौवंश का जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है। उनका मानना है कि आदिकाल से गौ माता का स्थान ज्ञान, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और जीवन की समृद्धि में अभिन्न रहा है।
संगठन ने चेतावनी दी कि आधुनिक प्रगति के बावजूद समाज और प्रदेश अस्थिरता की ओर बढ़ रहे हैं, और इसे बदलने का मार्ग गौ माता को सम्मानपूर्वक जीवन में वापस लाना है। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में गौ माता को राज्यमाता घोषित कर प्रदेश का उज्ज्वल, स्वस्थ और आनंदमय भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।