अजय श्रीवास्तव /रायपुर। प्रकृति के साथ लगातार खिलवाड़ ने प्रकृति को उत्तेजित कर दिया है और बे मौसम बारिश भूस्खलन और सूखा जैसे बड़े प्राकृतिक विपदाएं पूरे विश्व में सामने आ रही है। ऐसी ही बिकता दक्षिण भारत के तमिलनाडु प्रदेश में भी सामने आई है जहां लगातार कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने वहां के रहने वाले पशु पक्षी और नागरिकों को परेशान कर रखा है।

प्रदेश में लगातार भारी बारिश के कारण आम जन-जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश प्रभावित क्षेत्रों में अब भारतीय वायुसेना भी बचाव अभियान के लिए सामने आ गयी है। वायुसेना अपने बेड़े के एमआई-17 वी5 और एएलएच-ध्रुव की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने में मदद कर रही है।
भारतीय वायुसेना के दक्षिणी कमांड के एमआई-17 वी5 और एएलएच-ध्रुव ने बारिश से तबाह हुए जिले थूथकुडी के 12 आश्रम लिए नागरिकों के 12 स्थानों पर 11 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई। बता दें, प्रदेश में अब तक वायुसेना की मदद से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 59 टन की विभिन्न प्रकार की राहत सामग्रियां पहुंचाई जा चुकी है। इससे पहले राज्य के सीएम एमके स्टालिन कह चुके है कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करें जा रहे है। इधर प्रदेश की थामिराबरानी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के कारण थूथुकुडी जिले में श्री वैकुंठम स्टेप बांध पूरी तरह से भर चुका है जिसके कारण अब वह ओवरफ्लो हो रहा है।
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बाढ़ का कहर दक्षिणी तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में देखा जा रहा है, लगातार भारी बारिश के वहां पर भी बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो रही है। मौजूदा हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने महिलाओं, बच्चों बूढ़े नागरिकों को सुरक्षित स्थानों में स्थानांतरित कर दिया है। जिले मे कुछ गर्भवती महिलाओं को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती भी कराया गया था जहां उन्होंने दो दिनों में उनमें से कुछ महिलाओं ने बच्चों को भी जन्म दिया है। हालांकि, दक्षिणी क्षेत्र में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र की एक टीम तिरुनेलवेली पहुंची है।