Saturday, August 30, 2025
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छत्तीसगढ़ की धरती पर दही-हांडी का महासंग्राम, 11 लाख की इनामी मटकी पर रहेगी सबकी नजर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी रायपुर के गुढ़ियारी में एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी है। सार्वजनिक दही-हांडी उत्सव समिति और श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर 16वां दही-हांडी उत्सव 17 अगस्त 2025, रविवार को शाम 4 बजे से अवधपुरी मैदान, श्रीनगर रोड, गुढ़ियारी में आयोजित होगा।

समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि इस बार कुल 11 लाख रुपये की इनामी राशि रखी गई है। इसमें पुरुष दही-हांडी के लिए 7 लाख, महिला दही-हांडी के लिए 2 लाख और ग्रीस युक्त खंभा हांडी प्रतियोगिता के लिए 2 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा 50 लोगों की टोली को 11 हजार रुपये और 100 लोगों की टोली को 21 हजार रुपये का सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित दही-हांडी उत्सव माना जाता है।

उन्होंने कहा कि अब यह आयोजन केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। इस वर्ष रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा और कवर्धा के साथ-साथ ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र से भी गोविंदा टोलियां हिस्सा लेंगी। सह-संयोजक हेमेंद्र साहू ने बताया कि अब तक 30 से अधिक स्थानीय टोलियां और कई महिला टोलियां पंजीकृत हो चुकी हैं। वहीं महाराष्ट्र, इंदौर और जबलपुर की नामचीन गोविंदा टोलियां भी प्रतियोगिता का हिस्सा बनेंगी। प्रतियोगिता में भाग लेना पूरी तरह निःशुल्क है।

मनोरंजन का भी रखा गया है विशेष ध्यान। इस मौके पर इंडियन आइडल चैंपियन पवनदीप राजन अपनी सुरीली आवाज से समां बांधेंगे। विश्वविख्यात भजन गायिका गीता बेन रबारी कृष्ण भजनों से माहौल को भक्तिमय बनाएंगी। इसके साथ ही राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय गायिका पूनम-दिव्या तिवारी अपनी प्रस्तुति देंगी। वहीं ओडिशा के कलाकार पारंपरिक “घंटा बाजा” की प्रस्तुति देंगे और ग्रीस युक्त खंभे पर चढ़ने की प्रतियोगिता भी विशेष आकर्षण रहेगी।

बसंत अग्रवाल ने याद दिलाया कि वर्ष 2010 में यह आयोजन महावीर स्कूल के पास एक छोटे से मैदान से शुरू हुआ था। उस समय केवल स्थानीय मोहल्लों जैसे मुर्रा भट्टी, सतनामी पारा और सुक्रवारी बाजार की टोलियां हिस्सा लेती थीं। उन्होंने कहा भगवान श्रीकृष्ण की कृपा और जनता के सहयोग से आज यह आयोजन विशाल स्वरूप ले चुका है। कोरोना महामारी के कारण दो वर्षों तक यह उत्सव नहीं हो सका, लेकिन अब 16वें वर्ष में यह और भी भव्य रूप में लौट रहा है।

समिति ने दर्शकों और गोविंदा टोलियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। बैठने की उचित व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती, प्राथमिक उपचार केंद्र और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता के दौरान किसी टोली के साथ होने वाली दुर्घटना की जिम्मेदारी समिति की नहीं बल्कि संबंधित टोली की होगी।

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