Saturday, September 12, 2026
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जेल गए आदिवासी युवक की मौत, आदिवासी समाज में आक्रोश गरियाबंद जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन

1 करोड़ मुआवजा सहित डीएफओ और वनकर्मी को सस्पेंड करने की कर रहे मांग

अजय श्रीवास्तव / गरियाबंद। गरियाबंद जिले में वन क्षेत्र अतिक्रमण मामले में गिरफ्तार आदिवासी युवक की मौत को लेकर लगातार दूसरे दिन आदिवासी समाज में आक्रोश देखने को मिल रहा है। दूसरे दिन मंगलवार को भी आदिवासी समाज ने जिला मुख्यालय गरियाबंद के तिंरगा चौक में नेशनल हाईवे 130 सी में चक्काजाम कर दिया है। सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग अपनी मांग को लेकर सड़क में बैठ गए है और प्रदर्शन करे रहे हैं।

घटना के बाद आदिवासी समाज पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा राशि देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और डीएफओ और वनकर्मी को सस्पेंड करने की मांग कर रहे है। दूसरी ओर चक्कजाम के चलते रायपुर देवभोग मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। छोटे वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है। वही बड़े वाहनों को शहर के बाहर रोका जा रहा है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात है।

वन विभाग में वन क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के मामले में ग्राम झितरीडूमर के आदिवासी युवक भोजराम ध्रुव को 28 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर गरियाबंद जिला जेल भेजा गया था। जेल में अचानक तबियत बिगड़ने के कारण उसे पहले गरियाबंद जिला अस्पताल बाद में उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर मेकाहारा भेजा गया था ‌, जिसकी कल रायपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी ।

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कल सोमवार को युवक की मौत पर आदिवासी समाज में आक्रोश में आ गया था । सोमवार शाम ही आदिवासी समाज ने वन विभाग के साथ ही जेल प्रशासन को युवक की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए नेशनल हाइवे 130 C चक्काजाम कर दिया था । इस दौरान आदिवासी समाज और मृतक के परिजनों ने वन अमले और उपजेल प्रशासन के प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए ।

इसी मामले को लेकर कुछ देर पहले वन विभाग मुख्यालय गरियाबंद में पुलिस के द्वारा लगाए बेरिकेट को तोड़कर आदिवासी समाज के सैकड़े लोगो वन विभाग मुख्यालय में घुस कर सम्पति को नुकसान पहुंचते हुए नारे बजी करते हुए 28 अगस्त की कार्यवाही में शामिल समस्त वन अधिकारीयों के निलंबन की कार्यवाही की मांग कर रहे है । सैकड़ो की तादाद में पहुंचे आदिवासी समाज के लोगो के सामने पुलिस भी लाचार दिखाई दी ।

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