रायपुर। रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने आज नगर निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप के साथ कर्बला तालाब में चल रहे ₹2.44 करोड़ के सौंदर्यीकरण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य की गुणवत्ता में भारी कमी और तकनीकी खामियों को देखकर विधायक मूणत का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता और अन्य तकनीकी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर जमकर फटकार लगाई।
बिना योजना के कार्य पर जताई आपत्ति
विधायक मूणत ने स्थल पर पाया कि बिना किसी ठोस प्लान, ले-आउट और आवश्यकता के निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “विकास कार्यों के लिए लाई गई शासन की राशि अधिकारियों की अदूरदर्शिता और लापरवाही के कारण व्यर्थ की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल
बच्चों के खेलने के लिए चिन्हित ‘किड्स जोन’ की जगह को अनुपयुक्त पाते हुए उन्होंने कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता से पूछा कि आप इसी वक्त नापकर बताइए कि इतनी कम जगह में फिसल पट्टी और खेल सामग्री कैसे लगेगी?” इस प्रश्न पर तकनीकी अधिकारी निरुत्तर नजर आए। इसके साथ ही, बिना नींव के ही ‘सेफ्टी वॉल’ खड़ी किए जाने पर उन्होंने तकनीकी ज्ञान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बिना आधार के दीवार आखिर टिकेगी कैसे?” निर्माणाधीन दीवार के टूटने और सुरक्षा हेतु चौकीदार न होने पर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार
तालाब परिसर में मंदिर के समीप निजी बाउंड्री वॉल और अवैध निर्माण पर श्री मूणत ने तत्काल सीमांकन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तालाब की जमीन पर हुआ अवैध कब्जा शक्ति से हटाया जाए। जिन मामलों में माननीय न्यायालय का स्टे (स्थगन) है, उनमें तथ्यों को सही तरीके से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर स्टे ‘वेकेट’ (निरस्त) कराने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
दोषी अधिकारियों को हटाने के निर्देश
निरीक्षण के अंत में कार्यों में बरती जा रही घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए विधायक राजेश मूणत ने आयुक्त को संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से वहां से शिफ्ट करने और अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दिए।
विधायक राजेश मूणत का बयान
”विकास कार्यों में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। अधिकारी एयरकंडीशन कमरों में बैठकर योजनाएं न बनाएं, जमीन पर उतरकर काम करें। कर्बला तालाब का काम बिना किसी विजन के किया जा रहा है, जो सरकारी खजाने की बर्बादी है। जनता की पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा और दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
महापौर मीनल चौबे का बयान:
शहर के सौंदर्यीकरण के लिए आवंटित राशि का सही उपयोग होना आवश्यक है। निरीक्षण में जो खामियां पाई गई हैं, वे गंभीर हैं। हमने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी तकनीकी मापदंडों को पूरा करने के बाद ही कार्य आगे बढ़ाएं। अतिक्रमण और लापरवाही पर नगर निगम सख्त रुख अपनाएगा।

