रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था बर्बाद हो चुकी है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी के कारण आम जनता को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। गरीब मरीज एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकने को मजबूर हैं।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश में कुल 9,392 पद रिक्त बताए गए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के 2,025 पदों के मुकाबले केवल 408 विशेषज्ञ कार्यरत हैं। यानी लगभग 80 प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। इसी तरह स्टाफ नर्सों के 2,745 पद रिक्त बताए गए हैं। ये आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की बदहाल स्थिति को बताते है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर होना पड़ता है। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और गंभीर मरीजों के उपचार में देरी का खतरा पैदा होता है। निजी अस्पतालों का महंगा इलाज हर परिवार की पहुंच में नहीं है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों की बदहाली गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन रही है। स्वास्थ्य मंत्री अस्पतालों की व्यवस्था संभालने में विफल साबित हो रहे है।

